• मिंजर-
मिंजर का मेला अगस्त माह के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस मेले के अंतिम दिन रावी नदी के तट पर वरुण देवता (वर्षा ऋतु के देवता) को प्रसन्न करने के लिए मिंजरें (मक्की के भुट्टों के बालों) एवं नारियल रावी में बहाया जाता है। पहले इस मेले में भैंसों की बलि देने की प्रथा थी। यह मेला सात दिन तक चलता है।
• लवी मेला
यह हि.प्र. का सबसे प्राचीन व्यापारिक मेला है जो कि हर वर्ष नवम्बर माह के प्रारम्भ में रामपुर बुशहर में मनाया जाता है। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में ऊनी वस्त्र, नमदा, पट्टी, पशमीना, चिलगोजे, घोड़े, खच्चरों का व्यापार होता है।
• रेणुका मेला –
रेणुका मेला कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी से तीन दिन के लिए रेणुका झील के किनारे मनाया जाता है। यह मेला परशुराम और उनकी माता रेणुका के मिलन की याद में मनाया जाता है।